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अमर कला महोत्सव परवान पर : आज काव्यधारा, भजनावली दूसरे दिन हुए विभिन्न कार्यक्रम


धर्म, साहित्य, खेलकूद और संस्कृति


*Khabaron Me Bikaner*
प्रमुख खबर

✒️@Mohan Thanvi

अमर कला महोत्सव परवान पर : आज काव्यधारा, भजनावली 
दूसरे दिन नाट्य मंचन सहित हुए विभिन्न कार्यक्रम

 

Khabaron Me Bikaner


अमर कला महोत्सव परवान पर : आज काव्यधारा, भजनावली 
दूसरे दिन हुए विभिन्न कार्यक्रम

बीकानेर, 30 मार्च। कला एवं संस्कृति विभाग, राजस्थान तथा पश्चिम क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र, उदयपुर, विरासत संवर्धन संस्थान के सहयोग से कल्पना संगीत एवं थिएटर संस्थान द्वारा प्रख्यात संगीतकार स्व. अमरचंद पुरोहित की स्मृति में तीन दिवसीय अमर कला महोत्सव 2026 के तीसरे संस्करण के दूसरे दिन सोमवार को स्थानीय टी.एम. ऑडिटोरियम, गंगाशहर, बीकानेर में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित हुए। 

आज मंगलवार को समारोह के अंतिम दिवस पर अंतराष्ट्रीय सुमेरू भजन गायक जितेन्द्र सारस्वत अपने भजनों की प्रस्तुति देंगे। इसके पश्चात् दोपहर 3 बजे अमर काव्य धारा के अन्तर्गत रचनाकार हरिशंकर आचार्य, कृष्णा आचार्य, मोनिका गौड़, बाबूलाल छंगाणी, मनीषा आर्य सोनी, ईरशाद अजीज, बुनियाद हुसैन जहीन, हरीश बी शर्मा, आनंद पुरोहित “मस्ताना”, विप्लव व्यास व संजय पुरोहित अपनी रचनाऐं वरिष्ठ साहित्यकार मालचंद तिवाड़ी व कमल किशोर रंगा के सानिध्य में करेंगे। सांय 7ः30 बजे रसधारा सांस्कृतिक संस्थान भीलवाड़ा की ओर से अनुराग सिंह राठौड़ के निर्देशन व गोपाल आचार्य के मार्गदर्शन में राजस्थानी नाटक कठपुतलियाँ का मंचन किया जाएगा।

सोमवार को प्रथम सत्र में प्रशिक्षणार्थियों को मोबाइल व डीएसएलआर कैमरा बेसिक फोटोग्राफी वर्कशॉप में उदयपुर से आए मुख्य प्रशिक्षक वरिष्ठ फोटो पत्रकार राकेश शर्मा राजदीप एवं जयपुर से आए सहयोगी साथी अजय पारीख ने प्रतिभागियों को जानकारी दी व अंत में छोटे-छोटे प्रैक्टिकल अभ्यास भी कराए।  31 मार्च को स्ट्रीट फोटोग्राफी कराई जाएगी। तस्वीरों को एडिट कर बेहतर बनाने का अभ्यास कराया जाएगा। 

दूसरे सत्र में बीकानेर के विख्यात संगीतज्ञ पण्डित शिवनारायण जोशी परिवार के मास्टर तेजस जोशी का तबला वादन हुआ।   हारमोनियम पर संगत कृष्ण कुमार जोशी ने दी।

इसके पश्चात् श्री जैन पब्लिक स्कूल, बीकानेर के थियेटर संकाय के विद्यार्थियों द्वारा विजय शर्मा द्वारा लिखित व भरतसिंह राजपुरोहित द्वारा निर्देशित नाटक “अग्निपुत्री“ का मंचन किया गया। मिसाइल मिशन पर आधारित इस नाटक के बाल अभिनेताओं मे हर्षिता सेठिया, न्यासा बाठियॉं, कुसुम मूंड, ,प्रियल श्रीमाली, भुवेश पुरोहित, ममता व्यास, दिव्यांश भूरा, सक्षम शर्मा और सुहानी पुरोहित ने अभिनय किया। मेकअप और कोस्टम पीहू ठाकुर का था। 

सायं 4ः30 बजे जोधपुर के बुंदू खाँ लंगा पार्टी द्वारा लोक गीतों की प्रस्तुतियां दी गई ।

तीसरे एवं अंतिम सत्र में गूंज कला एवं संस्कृति संस्थान द्वारा के नाट्य दल द्वारा  विजय शर्मा द्वारा लिखित एवं अनोप सिंह द्वारा निर्देशित नाटक ‘‘टैडी और हम’’ का मंचन किया गया। मंच पर शैलेंद्र सिंह भाटी, महिका महर्षि, ममता व्यास, राकेश सैनी, रोहित वाल्मीकि, उत्तम सिंह थे। प्रकाश प्रभाव विजय सिंह राठौड़ का, रूप सज्जा ज्योत्सना व्यास, मंच सज्जा सीमा व्यास, संगीत भरत सिंह एवं प्रदर्शन प्रभारी रामसहाय हर्ष रहे।

मुख्य अतिथि अर्जुनदेव चारण ने विभिन्न कार्यशालाओं का अवलोकन किया। जयपुर से आये गगन मिश्रा, जोधपुर से आये अरू व्यास एवं भीलवाड़ा से आये गोपाल आचार्य को मोमेण्टो प्रदान किया गया।

समापन अवसर पर वरिष्ठ रंगकर्मी प्रदीप भटनागर महेन्द्र स्वामी, प्रियंका पुरोहित, भारत प्रकाश श्रीमाली, तरुण गॉड, राजभारती शर्मा, सीताराम कच्छावा, डॉक्टर सरिता स्वामी, जितेंद्र पारीक, निशा संध्या संतोष आदि उपस्थित रहे। 

मंच संचालन नवल किशोर व्यास, आरजे मयूर एवं मयंक सोनी ने किया।

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