विशेष योग्यताधारी बालिकाओं को किट वितरण एवं संवाद कार्यक्रम रेजिन आर्ट प्रशिक्षण का समापन


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विशेष योग्यताधारी बालिकाओं को किट वितरण एवं संवाद कार्यक्रम  
रेजिन आर्ट प्रशिक्षण का समापन


 

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विशेष योग्यताधारी बालिकाओं को किट वितरण एवं संवाद कार्यक्रम  
रेजिन आर्ट प्रशिक्षण का समापन

बीकानेर, 30 मार्च।जिला कलक्टर श्रीमती नम्रता वृष्णि के निर्देशन तथा महिला अधिकारिता विभाग की उपनिदेशक डॉ. अनुराधा सक्सेना के मार्गदर्शन में 24 मार्च से आरम्भ हुए 5 दिवसीय रेजिन आर्ट प्रशिक्षण का समापन सोमवार को राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय (बधिर), बीकानेर में पुरस्कार वितरण एवं संवाद कार्यक्रम के साथ हुआ।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित जिला कलक्टर श्रीमती नम्रता वृष्णि ने 9 बधिर बालिकाओं को रेजिन आर्ट किट वितरित की। उन्होंने कहा कि बच्चियों ने अत्यंत उत्साह के साथ रेजिन आर्ट की बारीकियों को सीखते हुए सुंदर कलाकृतियों का निर्माण किया है, जो सराहनीय है। उन्होंने कहा कि कौशल प्रशिक्षण के माध्यम से बालिकाएं आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में आगे बढ़ सकती हैं। शिक्षा एवं प्रशिक्षण के जरिए इन बच्चियों को रोजगारोन्मुखी कौशल से जोड़कर सशक्त बनाया जा सकता है।

इस अवसर पर जिला कलक्टर द्वारा प्रशिक्षक निशा थिरानी, उमंग सुराणा एवं प्रीति माहेश्वरी को उत्कृष्ट प्रशिक्षण हेतु सम्मानित किया गया। साथ ही ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ अभियान के तहत बालिकाओं को कप एवं बोतल वितरित किए गए।

उपनिदेशक डॉ. अनुराधा सक्सेना ने बताया कि इस नवाचार के अंतर्गत विशेष योग्यताधारी बालिकाओं को शिक्षा के साथ-साथ कौशल प्रशिक्षण देकर आत्मनिर्भर बनाया जा रहा है, ताकि वे अपने परिवार की आजीविका में भी योगदान दे सकें। उन्होंने कहा कि लगन और उत्साह के साथ किसी भी क्षेत्र में सफलता प्राप्त की जा सकती है और शारीरिक अक्षमता कभी बाधा नहीं बनती।

कार्यक्रम के सफल संचालन में अनुवादक रोहित आचार्य एवं उप प्राचार्य उम्मेद सिंह का विशेष सहयोग रहा, जिन्हें विभागीय सम्मान प्रदान किया गया। विद्यालय की प्राचार्य श्रीमती रेणु वर्मा एवं अध्यापिका श्रीमती सुनीता गुलाटी ने बालिकाओं द्वारा तैयार की गई हस्तकलाओं की जानकारी देते हुए उनके प्रयासों की सराहना की।

इस अवसर पर प्रचेता श्रीमती विजय लक्ष्मी जोशी एवं पीएसएसके केंद्र प्रबंधक श्रीमती कविता हुरकट सहित विद्यालय स्टाफ की सक्रिय भागीदारी रही। सभी ने मूक-बधिर बालिकाओं का उत्साहवर्धन किया तथा भविष्य में भी इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम निरंतर आयोजित किए जाने की आवश्यकता जताई।

उपनिदेशक डॉ सक्सेना ने बताया कि महिला अधिकारिता विभाग एवं जिला प्रशासन द्वारा ऐसे नवाचारों के माध्यम से बालिकाओं को सशक्त बनाने के प्रयास निरंतर जारी रहेंगे।

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