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जाने-अनजाने लोगों को, मां-बाप, पड़ौसियों का दिल दुखाया सब याद करो ; संसार में आपका व्यवहार बदल जाएगा तो तकदीर भी बदल जाएगी : जगद्गुरु वसंत विजयानंद गिरि जी महाराज
एकादशी विशेष दिव्य महायज्ञ में वैदिक शास्त्रोक्त विधि से दी गई आहुतियां
बीकानेर। तमिलनाडु राज्य के विश्व विख्यात एवं गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में अंकित कृष्णगिरी स्थित श्री पार्श्व पद्मावती शक्ति पीठ तीर्थ धाम के पीठाधिपति, आचार्य वसंत विजयानंद गिरि जी महाराज ने यहां विराट चैत्र नवरात्रि कथा यज्ञ महामहाेत्सव के 11वें और अंतिम दिन रविवार को आध्यात्मिक प्रवचन में कहा कि व्यक्ति को जन्म से लेकर आज तक क्या-क्या किया ये ध्यान करने की जरुरत है। उन्होंने कहा कि दिल से सभी अपनी गलतियों को याद करो। जाने-अनजाने लोगों को, मां-बाप, पड़ौसियों का दिल दुखाया है तो सब याद करो।
गंगाशहर मार्ग स्थित अग्रवाल भवन परिसर में देवी भागवत कथा के रहस्य महत्ता प्रतिपादित करते हुए जगद्गुरु वसंत विजयानंद गिरि जी महाराज ने कहा कि संसार में आपका व्यवहार बदल जाएगा तो तकदीर भी बदल जाएगी। वे बोले, शास्त्रों में बताया गया है कि जरुरतमंदों-गरीबों को कपड़ा, अन्नदान करो। उससे किसी का दिल खुश होगा। यदि आपके पास देने को कुछ नहीं है तो गरीब को प्रेम की दृष्टि के साथ देखो और मुस्कुराओ। गले लगो ये भी नि:शुल्क दान है।
तीर्थ धाम के ट्रस्टी डाॅ. संकेश जैन ने बताया कि दोपहर के सत्र में दिवस पर्व के मद्देनजर एकादशी विशेष दिव्य महायज्ञ में वैदिक एवं वैज्ञानिक दृष्टिकोण से शास्त्रोक्त विधि पूर्वक काशी के विद्वान विप्र पंडितों द्वारा जगद्गुरु वसंत विजयानंद गिरि जी महाराज की पावन निश्रा में आहुतियां दी गई।
ग्यारह दिनों के ऐतिहासिक विराट आयोजन में तीसरी बार बड़ी संख्या में उपस्थित श्रद्धालुओं के बारम्बार आग्रह पर गुरु दीक्षा प्रदान की। पाताल लोक की नागरानी जगत जननी देवी मां पद्मावती, अनंत कोटि ब्रह्मांड नायक देवाधिदेव महादेव, त्रिकाल योगी बाबा भैरवनाथ, रुद्रावतार श्रीहनुमानजी के विभिन्न बीज मंत्रों, रक्षा कवच, स्तोत्र वाचन व सहस्रनाम उच्चारण से दैवीय ऊर्जा के गुणगान किए।




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