महर्षि नवल साहेब के आध्यात्मिक व सामाजिक योगदान की वर्तमान में प्रासंगिकता पर संगोष्ठी




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1 दिसंबर 2025 सोमवार

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✒️@Mohan Thanvi

महर्षि नवल साहेब के आध्यात्मिक व सामाजिक योगदान की वर्तमान में प्रासंगिकता पर संगोष्ठी


 

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महर्षि नवल साहेब के आध्यात्मिक व सामाजिक योगदान की वर्तमान में प्रासंगिकता पर संगोष्ठी

30 नवंबर, 2025 प्रकाश पुंज फाउंडेशन बीकानेर की ओर से आज एक महत्वपूर्ण विषय 'महर्षि नवल के आध्यात्मिक व सामाजिक योगदान की वर्तमान में प्रासंगिकता पर संगोष्ठी' रखी गई। 
अखिल भारतीय सत्गुरु महर्षि नवल धर्म सभा के राष्ट्रीय महासचिव व नवलरत्न राजकुमार सरसिया का आचार्य ओमप्रकाश घारू (संरक्षक, प्रकाश पुंज फाउंडेशन बीकानेर), श्याम निर्मोही, डॉ सुभाष प्रज्ञ, श्रवण घारू ने शॉल, माल्यार्पण व पुष्पगुच्छ से स्वागत किया गया। 

इस अवसर पर 'महर्षि नवल साहेब के आध्यात्मिक व सामाजिक योगदान की वर्तमान में प्रासंगिकता' विषय पर मुख्य वक्ता के रूप में नवलरत्न राजकुमार सरसिया ने कहा कि-'महर्षि नवल साहेब का जन्म 247 वर्ष पूर्व हुआ था। आज के भारत में मानवीय हितों की रक्षा व संरक्षण के लिये क़ानून व संविधान है। लेकिन सोचिए उस वक़्त ये सब कितना दुभर रहा होगा? उस समय वाल्मीकि जाति में जाये जन्में महर्षि नवल साहेब की आध्यात्मिक चेतना का लाभ तत्कालीन जोधपुर नरेश के साथ अनेक जाति सम्प्रदाय के लोगों ने लिया। उनके इन्हीं आध्यात्मिक व सामाजिक चेतना की झलक इनके द्वारा लिखी वाणियों में भी झलकती है। वर्तमान की युवा पीढ़ी इसका लाभ उठाकर अपने जीवन के नैतिक मूल्यों को बढ़ाकर सर्वोच्च पदों पर आसीन हो सकती है। सरसिया जी ने यह भी बताया कि यदि ये कारवां जुड़ता चला गया तो आने वाले समय में नवल युग आ जायेगा और महर्षि नवल साहेब के नाम पर बड़े-बड़े शिक्षण संस्थान, विद्यार्थियों के लिये छात्रावास, गरीब छात्रों को छात्रवृति, अस्पताल, कॉलोनियों, सर्किल इत्यादि बनेंगे। ये काल्पनिक कथन नहीं राष्ट्रीय महर्षि नवल धर्मसभा, प्रकाश पुंज फाउंडेशन, महर्षि नवल मेमोरियल ट्रस्ट बीकानेर जैसे संगठन दिन-रात अपना सर्वोतम प्रयास कर रहे हैं।'
विशिष्ट अतिथि शिक्षाविद् अनिल घारू ने कहा कि-'विद्यार्थियों को शिक्षा के गूढ रहस्यों से जुड़ने के लिये शिक्षा सेमिनारों से जुड़ना होगा।' 
अध्यक्षता कर रहे संत रमेश चौहान ने कहा कि-'महर्षि नवल किसी एक जाति के संत न होकर इस युग के संत है जिनकी वाणियों में जगत का सार व जीवन के गूढ रहस्य है।'

इस अवसर पर महंत धनप्रकाश रील, महंत शिवलाल तेजी, गादीपति बाबूलाल जाजोट, डॉ. सुभाष प्रज्ञ, संदीप कुमार घारू, ओम आलोक, अनिकेत चौहान, कार्तिक सरसिया की विशेष उपस्थिति रही। इस कार्यक्रम का संचालन प्रकाश पुंज फाउंडेशन बीकानेर के महासचिव श्याम निर्मोही ने किया। तथा कार्यक्रम की रिपोर्टिंग बीकानेर नाइस न्यूज चैनल के पत्रकार ओम आलोक के द्वारा की गई।


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