अपरा एकादशी पर श्याम मंदिर में उमड़ा आस्था का सैलाब, विशेष श्रृंगार और सेवा व्यवस्थाओं ने मोहा मन मुझसे रूठना ना श्याम सांवरे, मेरी जिंदगी अब तेरे नाम सांवरे” भजनों से गूंजा श्याम मंदिर

अपरा एकादशी पर श्याम मंदिर में उमड़ा आस्था का सैलाब, विशेष श्रृंगार और सेवा व्यवस्थाओं ने मोहा मन 

मुझसे रूठना ना श्याम सांवरे, मेरी जिंदगी अब तेरे नाम सांवरे” भजनों से गूंजा श्याम मंदिर 


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अपरा एकादशी पर श्याम मंदिर में उमड़ा आस्था का सैलाब, विशेष श्रृंगार और सेवा व्यवस्थाओं ने मोहा मन 

मुझसे रूठना ना श्याम सांवरे, मेरी जिंदगी अब तेरे नाम सांवरे” भजनों से गूंजा श्याम मंदिर 

बीकानेर, 3 मई। अपरा एकादशी के पावन अवसर पर बीकानेर के जयपुर रोड स्थित श्याम मंदिर में श्रद्धा, भक्ति और उल्लास का अद्भुत संगम देखने को मिला। मान्यता है कि अपरा एकादशी के दिन विधिपूर्वक व्रत एवं पूजन करने से अनजाने में किए गए पापों से मुक्ति मिलती है तथा भगवान के श्रीचरणों में स्थान प्राप्त होता है। इसी आस्था के साथ बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर पहुंचे और बाबा श्याम के दर्शन कर पूजा-अर्चना की।

इस अवसर पर बाबा श्याम का विशेष एवं मनमोहक श्रृंगार किया गया। मंदिर को दिल्ली और बेंगलुरु से मंगाए गए विशेष पुष्पों से सजाया गया, जिससे संपूर्ण मंदिर परिसर दिव्य और आकर्षक दिखाई दिया। बाबा के दरबार में फूलों की सेवा भक्तों द्वारा ही करवाई जाती है। हर एकादशी पर बाबा के श्रृंगार करवाने के लिए भक्तों में विशेष उत्साह रहता है और कई श्रद्धालु तो कई दिन पहले ही अपनी बुकिंग करवा देते हैं। हर कोई बाबा को अपने द्वारा तैयार करवाई हुई पोशाक से सजाने का सौभाग्य पाना चाहता है। साथ ही विशेष पुष्प श्रृंगार करवाने की भी श्रद्धालुओं में होड़ लगी रहती है।

भीषण गर्मी को देखते हुए मंदिर प्रशासन द्वारा भक्तों की सुविधा के लिए विशेष इंतजाम किए गए। मंदिर प्रांगण में एयर कंडीशनर लगाए गए, ताकि पूजा-अर्चना और भजन-कीर्तन में शामिल होने वाले श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी ना हो
आने-जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए ठंडे जल की व्यवस्था की गई, साथ ही विभिन्न प्रकार के फलों का प्रसाद भी वितरित किया गया। गर्मी को देखते हुए भक्तों द्वारा तरबूज सहित शीतल फलों का प्रसाद भी श्रद्धालुओं में बांटा गया, जिसकी सभी ने सराहना की। मंदिर प्रशासन एवं सेवाभावी भक्तों द्वारा लगातार जल सेवा, फल सेवा और प्रसाद वितरण का कार्य किया गया।

मंदिर परिसर में दिनभर भक्ति रस की धारा बहती रही। भक्तों द्वारा “क्यों घबराऊं मैं, मेरा तो श्याम से नाता है”, “कभी रूठना ना मुझसे श्याम सांवरे”, “मेरी लाज रखना, एक आस तुम्हारी है” जैसे मधुर भजनों से बाबा को रिझाया गया। भजनों की मधुर स्वर लहरियों से पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा।

श्रद्धालुओं की आस्था का नजारा भी अद्भुत रहा। कई भक्त तेज गर्मी के बावजूद नंगे पैर बाबा के दरबार में हाजिरी लगाने पहुंचे। वहीं महिलाएं छोटे बच्चों को गोद में लेकर दर्शन करने आईं। बाबा के प्रति ऐसी अटूट श्रद्धा और विश्वास देखकर अनेक लोगों की आंखें नम हो गईं। महिलाओं ने नारियल पर अपनी मनोकामनाएं लिखकर बाबा के चरणों में अर्जी लगाई और सुख-समृद्धि की कामना की।

मंदिर के पुजारियों द्वारा विशेष रूप से प्रसाद भोग लगाया गया तथा प्रसाद वितरण की व्यवस्था सुचारू रूप से संचालित की गई। अपरा एकादशी पर श्याम मंदिर में उमड़ा यह आस्था का सैलाब भक्तों के लिए अविस्मरणीय बन गया। श्रद्धालुओं ने इसे भक्ति, सेवा और समर्पण का अनुपम उत्सव बताया।

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