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✒️@Mohan Thanvi
पूर्व पार्षद फिर बने जरूरतमंद का सहारा,पेश की मानवता की मिसाल
बीकानेर। देश में हर एक नागरिक के लिए शिक्षा मूल अधिकार है लेकिन फिर भी बहुत से बच्चे आज स्कूल और शिक्षा से इसलिए वंचित हो जाते है। क्योंकि उनके पास पढऩे के लिये साधन नहीं होते। पर आज भी बहुत से नेक दिल लोग ऐसे बच्चों को शिक्षा से जोडऩे का जरिया बन ही जाते है। ऐसे ही नेक दिल लोगों में से एक है पूर्व पार्षद मनोज विश्नोई। जिन्होंने एक बिन बाप की बेटी को पढऩे का हौसला प्रदान किया। सरकार के बेटी पढ़ाओं की संकल्पना को साकार करते हुए विश्नोई ने सुमन नाम की बालिका को न केवल स्कूल की नई किताबें मुहैया करवाई। बल्कि उसकी स्कूल फीस भी देकर उसे बोर्ड परीक्षा में अव्वल आने का आशीर्वाद दिया। बता दे कि सुमन के पिता की आठ माह पूर्व मृत्यु हो गई। परिवार में आर्थिक हालात ठीक नहीं होने के कारण वह आगे अपनी पढ़ाई नहीं कर पा रही थी। लेकिन दसवीं की परीक्षा में अच्छे अंक लाकर कुछ बनने की चाह रखने वाली सुमन ने अपनी पढ़ाई नियमित करने के उद्देश्य से पूर्व पार्षद से संपर्क साधा और अपनी आप बीती बताई। जिसे सुन पूर्व पार्षद मनोज विश्नोई ने मानवता की मिसाल पेश करते हुए तुरंत सुमन को दसवीं की किताबों का पूरा सेट व कॉपियों दिलवा दी और सुमन को आश्वस्त किया कि अगर उसे पढ़ाई के लिये किसी प्रकार की आवश्यकता पड़े तो जरूर बता दें। विश्नोई हमेशा ही जरूरतमंदों की मदद के लिये आगे रहते है।




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