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✒️@Mohan Thanvi
मानवता की पूजा करने वाला सबसे बड़ा धर्मात्मा होता है : जगद्गुरु वसन्त विजयानन्द गिरि महाराज
मानवता की पूजा करने वाला सबसे बड़ा धर्मात्मा होता है : जगद्गुरु वसन्त विजयानन्द गिरि महाराज
बीकानेर। कृष्णगिरी पीठाधीश्वर जगद्गुरु वसन्त विजयानन्द गिरि जी महाराज ने बुधवार को गंगाशहर मार्ग स्थित अग्रवाल भवन परिसर में मानवता को धर्म बताते हुए कहा कि क्रिया अपनी जगह है, मगर किसी भी पंथ संप्रदाय की बगैर उलझन के मानवता की पूजा करने वाला सबसे बड़ा धर्मात्मा होता है।
यहां पहली बार आयोजित हो रहे विराट चैत्र नवरात्रि विराट कथा यज्ञ महामहाेत्सव पर्व पर श्री देवी भागवत महापुराण कथा यज्ञ पूजा महोत्सव में उन्हाेंने यह बातें कहीं। भक्तिमय आध्यात्मिक 11 दिवसीय आयोजन में जगद्गुरु श्रीजी ने अपने आशीर्वचनों में कहा कि व्यक्ति की योग्यता सच्चाई व ईमानदारी से कर्म करते रहने पर श्रेष्ठता साबित होती है। श्रीजी ने सामूहिक दीक्षा मंत्र भी प्रदान किया।
श्री पार्श्व पद्मावती शक्तिपीठ तीर्थ धाम तमिलनाडु के सेवा ट्रस्ट के तत्वावधान एवं सौजन्य से हो रहे इस आयोजन में हाल ही बीकानेर जिला उद्योग संघ के चुनाव विजय पताका फहराने वाले डीपी पचीसिया व उनकी कार्यकारिणी ने भी मंच पर पहुंचकर आभार व्यक्त किया। इस दौरान गुरुभक्त बसंत नवलखा व डीपी पचीसिया ने अपने विचार भी रखे।
आयोजन के मुख्य समन्वयक एवं कृष्णगिरी तीर्थधाम के ट्रस्टी डॉ संकेश छाजेड़ ने बताया कि प्रतिदिन प्रात: से जीबू कॉइन व पायरेट लक्ष्मी कुबेर यंत्र के जप पूजा आराधना साधना के क्रम से शुरु हो रहे महोत्सव में दोपहर को काशी के विद्वान पंडितों के माध्यम से नौ कुंडीय सर्व सिद्धि प्रदायक सर्व देवी देवताओं की प्रसन्नता हेतु श्री महालक्ष्मी महायज्ञ में वैज्ञानिक दृष्टिकोण से शास्त्रोक्त विधि पूर्वक विशाल आहुतियां दी जा रही है।




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