बीकानेर में विराट चैत्र नवरात्रि में देवी भागवत, हवन यज्ञ अनुष्ठान में रामनवमी पर 3500 किलो दूध पेड़े का भोग प्रसाद अर्पण श्रद्धालुओं ने हनुमान जी के दिव्य दर्शन का लाभ लिया
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✒️@Mohan Thanvi
बीकानेर में विराट चैत्र नवरात्रि में देवी भागवत, हवन यज्ञ अनुष्ठान में रामनवमी पर 3500 किलो दूध पेड़े का भोग प्रसाद अर्पण
श्रद्धालुओं ने हनुमान जी के दिव्य दर्शन का लाभ लिया
बीकानेर में विराट चैत्र नवरात्रि में देवी भागवत, हवन यज्ञ अनुष्ठान में रामनवमी पर 3500 किलो दूध पेड़े का भोग प्रसाद अर्पण
श्रद्धालुओं ने हनुमान जी के दिव्य दर्शन का लाभ लिया
बीकानेर।
श्री पार्श्व पद्मावती शक्तिपीठ तीर्थ धाम तमिलनाडु के सेवा ट्रस्ट के तत्वावधान में बीकानेर में पहली बार जगद्गुरु वसंत विजयानंद गिरि जी महाराज के सान्निध्य में गंगाशहर राेड़ स्थित अग्रवाल भवन में आयोजित हो रहे विराट चैत्र नवरात्रि महामहाेत्सव के दौरान आज मंत्रों की गूंज में श्रद्धालुओं को हनुमानजी के दर्शन हुए। गुरुभक्तों ने जगद्गुरु के गगनचुंबी जयकारों से माहौल को और अधिक भक्तिमय आध्यात्मिक रस में डुबो दिया। यही नहीं, यहां मात्र ग्यारह दिनों के लिए बने प्रभु श्रीराम परिवार के अस्थाई मंदिर में 3500 किलो दूध पेड़े का भोग अर्पण कर ऐतिहासिक कीर्तिमान स्थापित किया गया । इससे पहले प्रातः के सत्र में विधिवत् जिबू कॉइन व पायरेट लक्ष्मी कुबेर यंत्र साधना शिविर में नौवें दिन भी क्रमबद्ध पूजा जाप आराधना जारी रही। दोपहर में सर्व सिद्धि प्रदायक, समस्त देवी देवताओं की प्रसन्नता के लिए श्रीमहालक्ष्मी महायज्ञ हवन में महाराज की निश्रा में पूर्णतया काशी के विद्वान विप्र पंडितों द्वारा वैदिक मंत्रों के साथ आहुतियां दी गई।
इस दौरान जगद्गुरु वसंत विजयानंद गिरि जी महाराज ने अपने आशीर्वादी प्रवचन में कहा कि हर कथा, भागवत आदि में देवताओं की विशेषतया महिमा होती है, लेकिन श्रीआदिशक्ति जगतजननी भगवती मां पद्मावतीजी की कथा में जो ममता है वह तीनों लोकों में नहीं है। उन्होंने इस मौके पर भगवान श्रीराम के जन्मोत्सव दिवस विशेष की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि आज के दिन किए हुए हर सुकृत कार्य, साधना–आराधना का फल अवश्य मिलता है। वातावरण की अनुकूलता देखकर कार्य करने वाला व्यक्ति सफल होता ही है। शाश्वत कल्याण करने वाली राजराजेश्वरी मां के नाम को बीज बताते हुए जगद्गुरु वसंत विजयानंद गिरि जी महाराज ने कहा कि इसे बोने वाले व्यक्ति को अनंत प्रकार के फल सुख, समृद्धि, ऐश्वर्य के रुप में प्राप्त होते ही है। उन्होंने इस दौरान बताया कि चैत्र नवरात्रि में नवम दिवस मां सिद्धिदात्री, जो सभी सिद्धियों की दात्री है। सफलता, सिद्धि और पूर्णता प्रदान करने वाली मां सिद्धिदात्री की देवताओं और ऋषियों ने भी आराधना कर ही अनेक सिद्धियां प्राप्त की।
जगद्गुरु ने आज बड़ी संख्या में दूसरी बार सामूहिक गुरुदीक्षा प्रदान कर भक्तों को लाभान्वित किया। उन्होंने फिर से घोषणा की कि गुरु दीक्षा से प्राप्त समस्त दक्षिणा यहीं की गौशालाओं में ही भेंट की जाएगी।




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