कृष्णगिरी वाली देवी मां पद्मावतीजी की श्रद्धामय भक्ति अपार संपदा व शक्ति देती है : जगद्गुरु वसंत विजयानंद गिरी जी महाराज शुक्रवार काे 1008 किलो से अधिक दूध के पेड़े का भोग हाेगा अर्पण
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कृष्णगिरी वाली देवी मां पद्मावतीजी की श्रद्धामय भक्ति अपार संपदा व शक्ति देती है : जगद्गुरु वसंत विजयानंद गिरी जी महाराज
शुक्रवार काे 1008 किलो से अधिक दूध के पेड़े का भोग हाेगा अर्पण
कृष्णगिरी वाली देवी मां पद्मावतीजी की श्रद्धामय भक्ति अपार संपदा व शक्ति देती है : जगद्गुरु वसंत विजयानंद गिरी जी महाराज
शुक्रवार काे 1008 किलो से अधिक दूध के पेड़े का भोग हाेगा अर्पण
बीकानेर 26 मार्च 2026 गुरुवार
जगद्गुरु वसंत विजयानंद गिरि जी महाराज के सान्निध्य में गंगाशहर राेड़ स्थित अग्रवाल भवन में चल रहे चैत्र नवरात्रि महामहाेत्सव में रात्रि प्रहर में आयाेजित ऐतिहासिक रुप से पहली बार देवी भागवत कथा सुनने के लिए, श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। श्रद्धालूओं का सैलाब पिछले तीन दिन से इतना उमड़ रहा है कि पंडाल भी छाेटा पड़ रहा है और लाेग बाहर बैठकर एलइडी टीवी से कथा श्रवण कर लाभान्वित हो रहे हैं। कथा प्रसंग विवेचन करते महाराज ने कहा कि पात्र अच्छा हो तो पदार्थ भी अच्छा ही रहेगा। महाराज ने विश्व प्रसिद्ध तीर्थ धाम श्रीपार्श्व पद्मावती शक्तिपीठ कृष्णगिरी को शक्तिमय पतित पावन बताया और कहा कि यहां स्वयं श्री आदिशक्ति जगतजननी राजराजेश्वरी देवी मां पद्मावतीजी विराजित है। उन्होंने अष्टमी तिथि विशेष मां महागौरी देवी के प्रसंग का उल्लेख किया।
संगीतमय भजनोंं पर उपस्थित श्रद्धालु भक्त झूमे-लगे जयकारे भी..
साथ ही इस दौरान अपने सुरीले कंठ से संगीतमय भजनों में कृष्णगिरी वाली कैसा जादू किया कैसे बतलाऊं मैया क्या-क्या दिया, आ मां आ तुझे दिल ने पुकारा, नाम अंबेरानी का दुखड़े मिटाने वाला है, मां कहने से मिलता आराम जगत में मां का प्यारा नाम, म्हारी पद्मावती मैया थाने घणी रे घणी खम्मा, मेरी विनती करो स्वीकार शरण में ले लेना.. की प्रस्तुतियों ने उपस्थित श्रद्धालु भक्तों को झूमने व तालियां बजाने, जयकारे गुंजायमान करने पर मजबूर किया। उपस्थित श्रद्धालुओं के लिए उनकी सुख समृद्धि प्रगति प्रदायक धन समृद्धि मंजूषा विधान भी सम्पन्न करवाया।
व्यसनमुक्त समाज की सुदृढ़ संरचना में युवाओं की भागीदारी ज़रूरी..
इस मौके पर अपने प्रेरणादाई संदेश में शक्ति पीठाधीश्वर ने यह भी कहा कि व्यक्ति को कोई काम न क्षमता से अधिक और ना ही क्षमता से कम करना चाहिए। इसके लिए सेवा भक्ति में सम्मानपूर्वक त्यागमय समर्पण अति आवश्यक है। जगद्गुरु श्रीजी ने इस अवसर पर श्रद्धावान विशाल जनसमूह को संबोधित करते हुए मेक इन इंडिया तथा स्वदेशी उत्पादों का उपयोग करने तथा वर्तमान पीढ़ी में सदाचार, सद्गुण, संस्कार, साहस, सकारात्मक विचार, जोश, विश्वास सरीखे शब्दों को विस्तार से परिभाषित किया तथा व्यसनमुक्त समाज की सुदृढ़ संरचना में युवाओं की भागीदारी को भी ज़रूरी बताया।
प्रभु सियाराम मंदिर में शुक्रवार काे 1008 किलो से अधिक दूध के पेड़े का भोग हाेगा अर्पण
आयोजन स्थल पर अस्थाई रूप से बने 15 मंदिरों में प्रभु सिया राम मंदिर में रामनवमी के अवसर पर शुक्रवार को 1008 किलो से अधिक दूध के पेड़े का भोग अर्पण किया जायेगा। यही प्रसाद बाद में व्यापक स्तर पर निःशुल्क भोजन भंडारे में श्रद्धालुओं में वितरित किया जाएगा। साथ ही भगवान राम के अनन्य कृपा पात्र पवन पुत्र श्रीहनुमानजी महाराज के साक्षात दर्शन भी उपस्थित श्रद्धालुओं को पंडाल में पूज्यपाद जगद्गुरु श्री वसंत विजय विजयानंद गिरी जी महाराज अपने सिद्ध साधना के शक्तिपात बीज मंत्रों के उच्चारण से कराएंगे।





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