‘पानी-सा ठहरा मुझ में’ दिल से दिल तक कूच करती कविताओं का संग्रह — डॉ. शिवनानी - दिलीप केसानी की दसवीं पुस्तक का विमोचन
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7 दिसंबर 2025 रविवार
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✒️@Mohan Thanvi
‘पानी-सा ठहरा मुझ में’ दिल से दिल तक कूच करती कविताओं का संग्रह — डॉ. शिवनानी
- दिलीप केसानी की दसवीं पुस्तक का विमोचन
‘पानी-सा ठहरा मुझ में’ दिल से दिल तक कूच करती कविताओं का संग्रह — डॉ. शिवनानी
- दिलीप केसानी की दसवीं पुस्तक का विमोचन
जोधपुर। शहर में अच्छा साहित्य लिखने वालों की कभी कमी नहीं रही है, आवश्यकता है उन्हें उचित मंच और सही अवसर मिलने की। इसी भाव को रेखांकित करते हुए सिंधी कल्चरल सोसायटी, जोधपुर द्वारा साहित्यिक गरिमापूर्ण कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें लेखक और गीतकार दिलीप केसानी की दसवीं पुस्तक ‘पानी सा ठहरा मुझ में’ का विमोचन किया गया।
मुख्य वक्ता वरिष्ठ पत्रकार डॉ. हरीश शिवनानी ने कहा कि जोधपुर में प्रतिभाशाली रचनाकारों की लंबी फेहरिस्त है, लेकिन उन्हें पहचान दिलाने के लिए साहित्यिक संस्थाओं को और सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए। उन्होंने इस संग्रह की सराहना करते हुए कहा कि “यह काव्य-संग्रह दिल से निकलकर सीधे दिल में उतरता है और निश्चय ही युवा साहित्यकारों के लिए प्रेरणा बनेगा।”
कार्यक्रम में वरिष्ठ लेखक गोविंद करमचंदानी तथा विशिष्ट अतिथि डॉ. के.एल. तुलसियानी उपस्थित रहे। वरिष्ठ रंगकर्मी हरीश देवनानी ने जानकारी दी कि इस पुस्तक में 60 से अधिक सशक्त कविताएँ संकलित हैं। उन्होंने बताया कि मूलतः गीतकार रहे दिलीप केसानी की यह दसवीं पुस्तक है जो उनकी रचनात्मक यात्रा को और समृद्ध बनाती है। जिसका प्रकाशन राजस्थान साहित्य अकादमी के आर्थिक सहयोग से हुआ है। सोसायटी के अध्यक्ष महेश संतानी ने बताया कि संस्था सदैव उभरते हुए कलाकारों, लेखकों और कवियों को मंच उपलब्ध कराती है, ताकि स्थानीय प्रतिभाएँ राष्ट्रीय स्तर तक पहुँच सकें। उन्होंने उम्मीद जताई कि यह पुस्तक युवा पाठकों में कविता के प्रति नई रुचि पैदा करेगी। संचालन कवयित्री रितिका मनवानी ने किया और अंत में सचिव विजय कुमार भगतानी ने सभी को धन्यवाद दिया।
इस अवसर पर शहर के अनेक साहित्य एवं कला प्रेमी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में मोहित भंवरिया, यशपाल वासवानी, रितिका मनवानी, सीमा खिलरानी, स्मिता थदानी, जया गोपलानी, राजेंद्र खिलरानी, हरिकिशन गोलानी, प्रदीप डांडवानी, राहुल ठकुरानी, विनय कर्मवाणी, जतिन खिलरानी ने उत्साहपूर्वक सहभागिता निभाई । कार्यक्रम का समापन काव्य पाठ तथा रचनाकार से संवाद सत्र के साथ हुआ, जिससे वातावरण भावनाओं की सौंधी महक से भर गया ।








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